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श्री गणेशाय

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भगवान गणेश के बारे में जानिए| About Lord Ganesha in Hindi गणेशजी निराकार दिव्यता हैं जो भक्त के उपकार हेतु एक अलौकिक आकार में स्थापित हैं। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, वह भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र है। गण का अर्थ हे समूह । यह पूरी सृष्टि परमाणुओं और अलग अलग ऊर्जाओं का समूह है। यदि कोई सर्वोच्च नियम इस पूरी सृष्टि के भिन्न-भिन्न संस्थाओं के समूह पर शासन नहीं कर रहा होता तो इसमें बहुत उथल-पुथल हो जाती। इन सभी परमाणुओं और ऊर्जाओं के समूह के स्वामी हैं गणेशजी। वे ही वह सर्वोच्च चेतना हैं जो सर्वव्यापी है और इस सृष्टि में एक व्यवस्था स्थापित करती है। आदि शंकराचार्य (Adi Shankara) ने गणेशजी के सार का बहुत ही सुंदरता से गणेश स्तोत्र में विवरण किया है। हालाँकि गणेशजी की पूजा हाथी के सिर वाले भगवान के रूप में होती है, लेकिन यह आकार (स्वरुप ) वास्तव में उस निराकार (परब्रह्म रूप ) को प्रकट करता है। वे ‘अजं निर्विकल्पं निराकारमेकम’ हैं। अर्थात, गणेशजी अजं (अजन्मे) हैं, निर्विकल्प (बिना किसी गुण के) हैं, निराकार (बिना किसी आकार के) हैं और वे उस चेतना के प्रतीक हैं, जो सर्वव्यापी है...